मेढक

हंस पड़े थे सारे मेढक
अपने हमप्रजाति नवागंतुक पर
आसमान से उतरा देवदूत जानकर
शुरू मे बड़ी आवभगत की
उस कूप जगत मे हलचल सी मच गई थी
उन्हें क्या पता था कि
उसके स्वप्रदत्त कैलकुलेशन मे
आई त्रुटि के कारण छलांग गड़बड़ा गई थी
अनायास ही एक गलती ने उसको
क्षणिक देवत्व बख्स दिया था
और जब
जल ,जमीन और आसमान सम्बन्धी
उनकी धारणा को
नवागंतुक ने खारिज किया
तो उसका देवत्व क्षीण हो गया
एकबारगी सब हंस पड़े उस पर
फिर शैतान का भेजा हुआ जानकर
बहिष्कार कर डाला
आज भी वो बहिष्कृत
मुक्ति के लिए
किसी प्यासे की बाल्टी की
प्रतीक्षा मे है